Thursday, January 24, 2013

वर्जिनिटी अब कोई मुद्दा नहीं रहा!


                                                                     वर्जिनिटी अब कोई मुद्दा नहीं  रहा!
अब शादी के समय वर्जिन होना टैबू  नहीं रहा। वो दिन लद गए जब  लड़कियां अपने आप को सिर्फ अपने होने वाले पति के लिए संभाल कर रखती  थीं। अगर किसी लड़के से प्रेम हो जाये तो वह उसे ही अपने भावी पति के रूप में देखती थीं लेकिन प्रेमी के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने को पाप समझती थीं। याद कीजिये पुरानी फिल्मों के वो सीन जिनमें हीरो हिरोइन को किस करने के लिए उसके नजदीक आता था तो वह झट से उसके मुंह पर हाथ रख कर कहती थी कि ये सब शादी के बाद। तब ये नाता सिर्फ मन और भावनाओं का होता था।  और ये नाता अगर अगर अपनी सीमायें तोड़ कर तन के मिलन तक पहुँच जाता था तो इसमें वासना का समावेश माना जाता था। प्रेमी के पति न बन पाने की स्थिति में ज्यादा परेशानी में लड़की ही पड़ती थी। जबकि लड़का इससे साफ़ बच निकलता था। जिसका कारण शायद ये था कि ऐसा होने से लड़के का कुछ नहीं बिगड़ता था लेकिन ऐसी लड़की को पत्नी स्वीकार करने में लोग हिचकिचाते थे।क्योंकि वर्जेनिटी  को पवित्रता से जोड़ कर देखा जाता था। पर अब समय बदल रहा है। अब ज्यादातर युवाओं में शादी के समय वर्जिन होना ज़रूरी नहीं रह गया है। इस बारे में 35 वर्षीय मेघा (बदला हुआ नाम) बताती हैं कि  मेरी शादी 30 वर्ष की उम्र में हुई। मैं शादी के समय वर्जिन थी जबकि मेरे पति शादी से पहले किसी लड़की के साथ फिजिकल रिलेशनशिप में थे और ये बात उन्होंने  खुद मुझे बताई। पर उन्होंने साथ में ये भी कहा कि यह उनका पास्ट था। अब वह पूरी तरह से मेरे लिए कमिटिड  हैं। मेरे पति के शादी से  पहले  के रिश्ते को जानने के बाद मैंने कोई हाय तौबा नहीं  मचाई। आप चाहे  इसे रिश्ते को बचा कर रखने और जीवन को शांति से चलाने  के लिए किये गए समझौते  का नाम दें। लेकिन मेरा ये मानना है कि जब उनके ये सम्बन्ध थे तब मैं उनसे मिली नहीं थी। लेकिन अब हम दोनों पति पत्नी है और एक दुसरे के लिए पूरी तरह से कमिटेड है, फिर उस पुरानी  बात को सोचकर मैं अपना आज क्यों ख़राब करूँ।
साथ ही मैं ये भी सोचती हूँ कि  मुझे क्या मिला 30 साल तक अपनी वर्जिनिटी बचाकर? अगर उनके जैसा मेरा भी कोई पास्ट होता तो क्या वे मुझे इतनी आसानी से स्वीकार कर लेते जैसे  मैंने उन्हें कर लिया? या शायद मैं उन्हें अपने पास्ट के बारे में बताती ही नहीं। इस विषय पर ट्रेवल  एजेंसी में काम करने वाले एक 27 वर्षीय युवक का कहना है कि जब मैं ये जनता हूँ कि  मैं भी कोई दूध का धुला नहीं हूँ तो मैं अपनी पत्नी से कैसे ये उम्मीद रख सकता हूँ कि वह वर्जिन हो। लेकिन मैं इतना ज़रूर चाहूँगा कि  मेरी होने वाली पत्नी मुझे शादी से पहले अपनी पुरानी ज़िन्दगी और अफेयर्स के बारे में सब कुछ बता दे, कुछ न छिपाए और शादी के बाद पूरी तरह से मेरी बन कर रहे। हाँ लेकिन मेरी ये उम्मीद भी रहेगी कि  भविष्य में वह मेरा पूरा साथ निभाएगी और मुझसे कुछ नहीं छुपाएगी। चूँकि मैं भी उसके साथ कभी बेवफाई नहीं करूँगा। अगर पति शादी से पहले शारीरिक सुख का आनंद ले सकता है तो पत्नी क्यों नहीं ले सकती? और फिर देखा जाये तो शादी से पहले जो दो पार्टनर फिजिकल रिलेशनशिप में हैं, वे अगर किसी कारणवश एक दुसरे के जीवासाथी  नहीं बन पाते है तो कसी और के साथ जीवन बिताएंगे तो ऐसे में ये आज़ादी सिर्फ पुरुष को ही क्यों? 
इस विषय पर चारू (बदला हुआ नाम) बताती हैं कि  मेरे अपने बॉय फ्रेंड के साथ शारीरिक सम्बन्ध हैं और ये सब युहीं नहीं हो गया। इसमें हम दोनों की सहमति है। चारू अपने इस रिश्तें के भविष्य को लेकर भी पूरी तरह से प्रैक्टिकल सोच रखती हैं। वे कहती हैं कि अगर किसी वजह से हम एक दुसरे से शादी नहीं भी कर पाए तो हम जान नहीं देंगे। हम अपना शादीशुदा जीवन अपने अपने पार्टनर के साथ हंसी ख़ुशी बिताएंगे और फिर कभी एक दूसरे की ज़िन्दगी में दखल नहीं देंगे। चारू और उसके बॉय फ्रेंड की सोच को अत्याधुनिक और अति प्रैक्टिकल कहा जा सकता है। पर इससे एक और बात निकल कर सामने आती  है कि  अब इस रिश्ते  में भावनाओं का वर्चस्व नहीं रहा। समय के साथ प्रैक्टिकल सोच भावनाओं पर हावी हो रही है।
आज का युवा, चाहे वह लड़का हो या लड़की,जीवन के हर सुख का आनंद लेना चाहता है क्योंकि उनके अनुसार ज़िन्दगी एक ही बार मिली है। इसे जी भर कर जी लो। ताकि बाद में आप को पछतावा न हो कि  आप जीवन में बहुत कुछ करना चाहते थे लेकिन कर नहीं पायें। आज का युवा इसी सोच पर यकीन रखता है। अब पति भी पत्नी की वर्जेनिटी को लेकर हाय तौबा नहीं मचाते। वे मानते है कि  जब हम वर्जिन नहीं तो पत्नी से उम्मीद कैसे रखे कि वह वर्जिन हो। साफ़ है कि ज़माना बदल रहा है और अब वर्जिनिटी को लेकर युवाओं की सोच भी और खुली होती जा रही है। यह अच्छी बात है कि  वर्जेनिटी को लेकर वर्जनाएं टूटी हैं और एक नयी और खुली सोच विकसित हुई है लेकिन एक बात जो अभी भी सबसे ज़रूरी है और वो ये है कि अपने पार्टनर के शादी से पहले के संबंधों को दरकिनार करते हुए आज में जियें  और जिसके साथ आप जीवन भर के बंधन में बंधें है। उसके साथ वफादार रहें और ये बात स्त्री पुरुष दोनों पर सामान रूप से लागू होती है।
published in Nai Duniya 29.4.11 

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