Thursday, August 1, 2019

Dohe 1 to 20

#doha17
थल पर जल है थल नही, नभ जल है सब जल।
आज ही चेत जाइये, पछतायेंगे कल।
#parul 13.8.19

#doha16
मन में बंद एक डिब्बा है, उसमे ढेरों याद।
ज्यों ज्यों ये डिब्बा खोला, याद आईं सब याद।।
#Parul12.8.19

#doha15
समय गति से बीत रहा, जाता जा रहा दूर।
कल जाने फिर क्या हो, आज जीवन जियो भरपूर।।
#parul 11.8.19

#doha14:
मन की गिरह खोल दो, और करो संवाद।
लेकिन इतना याद रहे, बिगड़े न वाद विवाद।।
#parul 10.8.19

#doha13
टेंट में बैठे राम लला, करते ये फरियाद।
सबको फिर से बसा रहे, मेरी कब आएगी याद।।
#parul 9.8.19

#doha12:
सर जी आज कर रहे, राष्ट्र से संवाद।
जाने क्या बन्द होगा, आठ बजे के बाद।।
#parul 8.8.19

#Doha11
सुंदरता जो मन बसे, वो जो है व्यवहार।
उसी को सब याद करे, मर जाने के बाद।।
#parul 7.8.19

#doha10
धीरे धीरे चढ़ रहीं, इतना बड़ा पहाड़।
इतनी बूढ़ी माताजी, हिम्मत रही न हार।।
#parul 6.8.19

#doha9
पहाडों की चोटी पर सजाया, मैया ने दरबार,
मैं दर्शन करने आयी, बहुत साल के बाद।।
#parul 4.8.19

#doha8
मेहंदी रची है हाथों में, कर सोलह सिंगार।
तीज मनाने आयी हैं, नई ब्याहली नार।।
#parul 3.8.19

#doha7
कारे बदरा छाए रहे, करते सौ सौ बात।
पी के आवन की खबर नहीं, कब हम होंगे साथ।।
#parul 2.8.19

#doha6
आईना जब देखता, है रोज़ाना मुझे।
कहता है तू रख हिम्मत, फिर क्या दिक्कत तुझे।
#parul 1.8.19

#doha5
सुंदरता जो जग देखे, तो मैं सुंदर नाहीं।
भोला मन देखा जो आपना, मुझसे सुंदर न कोई।।
#parul 31.7. 19

#Doha4
कहीं खानदानी शफाखाना, कहीं डॉक्टर ज़फ़र।
जैसे सारे सेक्स रोगी, करते ट्रेन सफर।।
#parul 30.7.19

#Doha3:
मोदी जी पहुंचे वन में, शेर गए सब जाग,
दुम दबाकर भागे सब, जैसे लग गयी आग।।
#parul 29.7.19

#Doha2
टिप टिप जो बरखा पड़ी, मन मयूरा हर्षाये।
पर गीले कापड़ आपने, गलियन कीचड़ भी आये।
#parul 28.7.19

#Doha1:
मेट्रो में मैडम फोन पर, कर रही प्रेम इज़हार,
आस पड़ोस के कान खड़े, सुनकर उनके विचार।।
#parul 27.7.19

रोज़ाना शाम 8 बजे, एक नया प्रयास।
दोहा लिखूं एक मैं, देखूं जो आस पास।।
#parul

Friday, June 14, 2019

Par haar nahi manungi.

पर हार कभी न मानूँगी

चाहे लाख तूफान आये,
चाहे विश्वास डगमगाए,
सच की डोर थामुंगी,
पर हार कभी न मानूँगी।
लोग आते हैं जीवन में,
कुछ दुख भी दे जाते हैं,
दुखों को हंस कर झेलूंगी,
पर हार कभी न मानूँगी।
ये समय बड़ा बलवान है,
इसके हाथों में ही प्राण है,
समय के सितम सह जाऊंगी,
पर हार कभी न मानूँगी।
माना कि अटल सत्य है मृत्यु,
जब आएगी तो ले जाएगी,
उससे भी नज़रें मिलाऊंगी,
पर हार कभी न मानूँगी।
#parul

Saurashtra bharat 30.7.18

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